तत्पश्चात आधे घंटे के विराम के बाद दोपहर 3 बजे से मतगणना प्रक्रिया शुरू होगी। और शाम तक चुनाव परिणाम भी सामने आ जाएंगे। इस बार के चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए दो वारिष्ठ अधिवक्ताओ के बीच सीधा मुकाबला है। जिसमे वारिष्ठ अधिवक्ता शैलेन्द्र सिँह उर्फ़ शैलू एवं जयकान्त मिश्रा आमने सामने है।
वर्तमान उम्मीदवार जयकान्त मिश्रा गत दो वर्ष पूर्व संपन्न हुए चुनाव में एक तरफा जीत हासिल कर अभिभाषक संघ बुढ़ार के अध्यक्ष चुने गए थे। लेकिन इस बार वारिष्ठ अधिवक्ता शैलेन्द्र सिँह के चुनावी मैदान में उतरने के बाद यह मुकाबला एक पक्षीय न होकर कांटे की टक्कर में तब्दील हो गया है। दोनों पक्षो के अधिवक्ता अपने -अपने पैनल की जीत के लिये एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है। वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए संतशरण मिश्रा, अनिमेष गुप्ता एवं कुलदीप कुमार मिश्रा चुनावी रण में है। इसी प्रकार सचिव पद के लिए बृजेश शुक्ला व मनोज गौतम के बीच मुकाबला हो रहा है।
सहसचिव पद के लिए अविनाश कुमार पाठक, ओंकार प्रसाद गुप्ता व संतोष कुमार गुप्ता के बीच टक्कर है। जबकि कोषाध्यक्ष के लिए मंजू तोमर व प्रेमलता कचेर तथा ग्रन्थपाल पद के लिए जितेंद्र कुमार मिश्रा व रमेश चंद्र त्रिपाठी चुनावी मैदान में अपनी अपनी किस्मत आजमा रहें है।
मुख्य चुनाव अधिकारी रामकृष्ण गुप्ता के साथ मनीष जायसवाल, शेष नारायाण शर्मा, रीना पात्रिक व सुशांत शेखर घोष इस समूर्ण चुनाव व मतदान प्रक्रिया की जिम्मेदारी को निभा रहें है।
अब देखना होगा कि देर शाम किस काले कोटधारी के सिर अध्यक्ष पद का ताज़ पहनाया जाएगा। इस बार के चुनाव में वोटर अधिवक्ता भी दो भागो में बंटे हुए नजर आ रहें है। जिसमे एक अध्यक्ष पद के प्रत्यासी के साथ जहां नियमित रूप से वकालत करने वाले पेशेवर अधिवक्ताओं का पूर्ण समर्थन होने की चर्चाए है तो वहीँ दूसरे अध्यक्ष पद के प्रत्यासी के साथ कुछ नियमित प्रैकटिस करने वाले अधिवक्ताओ के साथ ऐसे अधिवक्ताओ के समर्थन होने की बात कही जा रही है, जिन्होंने वकालत के पेशे के लिए रजिस्ट्रेशन तो करा रखा है, लेकिन वह नियमित रूप से न्यायालय में प्रैकटिस करने नही आते है।
बहरहाल इस बार अध्यक्ष एवं सचिव पद के लिए बेहद कांटे का मुकाबला है। इससे चंद घंटे बाद चुनावी परिणाम की घोषणा के साथ पर्दा भी उठ जाएगा।