दुकान में 75 हजार की रिश्वत की रकम लेते हुए लोकायुक्त रीवा की टीम ने रंगेहाथ ट्रैप किया । उक्त कार्यवाही के बाद सारे सरकारी दफ्तरों में हडकंप मच गया। फरियादी रमेश रजक पिता श्री मंगल प्रसाद रजक उम्र–45 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक–3 बाणसागर देवलौंद तहसील ब्यौहारी द्वारा लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी दुकान के एक विवाद के मामले को निपटाने के लिए उससे एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी गयी है ।
शिकायतकर्ता रमेश रजक पिता श्री मंगल प्रसाद रजक उम्र–45 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक–3 बाणसागर देवलौंद तहसील ब्यौहारी द्वारा बताया गया कि मेरे नाम से खेर माता रोड वार्ड नंबर 9 बाणसागर देवलौद में दुकान है। जिसे मेरे द्वारा दिसंबर 2017 में दिलीप सोनी को किराए पर दिया था। जिसमें दिलीप द्वारा उक्त दुकान में सोने चांदी की दुकान किया हुआ है। दुकान को खाली कराने में मेरा विवाद दिलीप सोनी से जनवरी 2026 में हो गया था। दोनों पक्षों की तरफ से थाना देवलौद में एफआईआर कराई गई थी थाना देवलौद द्वारा प्रकरण के निराकरण हेतु तहसील न्यायालय ब्यौहारी भेज दिया गया ।
शुरू हुई सौदेबाजी
तहसील कार्यालय में पदस्थ बाबू लल्लू प्रसाद प्रजापति द्वारा मुझसे बोला कि तुम्हारा प्रकरण एसडीएम न्यायालय ब्यौहारी में चला गया है मैं वहां तुम्हारा काम करा दूंगा तुम एक लाख रुपए अगर दो तो मैं एसडीएम साहब से तुम्हारे पक्ष में आदेश करवा दूंगा नहीं तो दूसरी पार्टी के पक्ष में आदेश करवा दूंगा। लल्लू प्रसाद प्रजापति द्वारा मुझसे 75 हजार रूपए रिश्वत की मांग की गई। शिकायत प्राप्त होने पर लोकायुक्त संभाग रीवा के द्वारा सत्यापन कराया गया । शिकायत सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा रिश्वत की मांग करना पाया गया |
जिसके बाद आज मंगलवार को पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त रीवा के निर्देशन में टीम गठित कर आरोपी– लल्लू प्रसाद प्रजापति पिता स्वर्गीय श्री बऊरा प्रसाद प्रजापति उम्र–44 वर्ष , निवासी वार्ड क्रमांक 10 ब्यौहारी जिला शहडोल पद–खंड लेखक(स्थाई कर्मचारी) वृत्त बुड़वा कार्यालय तहसीलदार तहसील ब्यौहारी जिला शहडोल को 75 हजार – रुपए रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया है। आरोपी के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया । टीम द्वारा कार्यवाही की जा रही है
लोकायुक्त की उक्त टीम में प्रवीण सिंह परिहार उप पुलिस अधीक्षक विपुस्था लोकायुक्त कार्यालय रीवा,
दो स्वतंत्र शासकीय गवाह समेत 12 सदस्यीय टीम के सदस्य शामिल थे ।